Monday, 17 December 2018, 8:08 AM

धर्म-संस्कृति

अश्वत्थामा करते हैं इस मंदिर में पूजा!

Updated on 17 December, 2018, 6:30
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में यमुना नदी के तट पर स्थित मां काली के मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां महाभारत काल के अमर पात्र अश्वत्थामा अदृश्य रूप में आकर सबसे पहले पूजा करते हैं। कालीवाहन मंदिर के मुख्य महंत राधेश्याम द्विवेदी का कहना है कि वे करीब... आगे पढ़े

‘मेरे पैर उधर घुमा दो, जिधर खुदा का घर न हो’

Updated on 17 December, 2018, 6:15
गुरु नानक घूमते-घूमते मक्का-शरीफ पहुंचे। तब रात हो गई चुकी थी। नानकजी पास ही एक पेड़ के नीचे सो गए। जब सुबह उठे, तब उन्होंने अपने चारों ओर अनेक मुल्लाओं को खड़ा पाया। उनमें से एक ने नानकजी से बड़े गुस्से में पूछा, ‘तुम कौन हो/ जो खुदा पाक के... आगे पढ़े

दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें पानी की टंकी

Updated on 16 December, 2018, 6:30
कहा जाता है कि जल ही जीवन है। लेकिन, जल जीवन है या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह जल है कहां का। गंगा जल है तो यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि इसे किस स्थान से लिया गया है? कानपुर से या गंगोत्री से?... आगे पढ़े

ध्यान का आधार

Updated on 16 December, 2018, 6:15
ध्यान में कुछ अनिवार्य तत्व हैं, विधि कोई भी हो, वे अनिवार्य तत्व हर विधि के लिए आवश्यक हैं। पहली है- एक विश्रामपूर्ण अवस्था, मन के साथ कोई संघर्ष नहीं, मन पर कोई नियंत्रण नहीं; कोई एकाग्रता नहीं। दूसरा, जो भी चल रहा है उसे बिना किसी हस्तक्षेप के, बस... आगे पढ़े

रहस्य मरने तक जीभ रहती है साथ लेकिन इसलिए टूट जाते हैं दांत

Updated on 15 December, 2018, 6:30
‘जड़त्व का नियम’ न्यूटन के तीन महत्वपूर्ण गति-नियमों में से एक है। यह नियम जितना भौतिक जगत पर लागू होता है, उतना ही मानवीय स्वभाव पर भी। जड़त्व का नियम कहता है कि जो चीज जिस अवस्था में है- स्थिर या गतिशील- उसी अवस्था में रहना चाहती है, जब तक... आगे पढ़े

भिक्षु बोला मुझे जान से मारने वाले का उपकार मानूंगा

Updated on 15 December, 2018, 6:15
बुद्ध के संघ का विस्तार हो रहा था। उनसे प्रशिक्षित होकर बहुत सारे भिक्षु धर्म प्रचार करने निकल पड़े थे। सूना प्रांत ऐसा कठोर स्थान था कि वहां जाने को कोई भिक्षु तैयार ही न हो। एक दिन उनके शिष्य पूर्ण ने निवेदन किया कि वह धर्म प्रचार के लिए... आगे पढ़े

आखिर क्यों है मृत्यु का अहसास सबसे बड़ा भय

Updated on 14 December, 2018, 6:30
जब हम सब जमाने से अलग चलते हैं तो जमाना या तो हमें ठोकर मारता है या पुचकार कर उठाता है। दोनों ही सूरत में जमाना हमें संवार-निखारकर हमारी पहचान बनाना चाहता है। बस जब यह प्रक्रिया चल रही होती है, तब नाजुक दिल अक्सर चटक जाते हैं। बहुत वक्त... आगे पढ़े

सुख भोगने वाले संत दे रहे थे वैराग्य का उपदेश फिर क्या हुआ जानें

Updated on 14 December, 2018, 6:15
औरंगाबाद में सोलहवीं शताब्दी में अमृतराय नामक एक संत कवि हुए थे। ‘वैराग्य भाग्या सारखे भाग्य नाहीं’ उनके द्वारा रचित एक पद की लोकप्रिय कड़ी है। एक फकीर को उनका यह पद बड़ा प्रिय था। एक दिन उसके मन में शंका उठी कि क्या इसका रचयिता सचमुच वैरागी होगा? शंका का... आगे पढ़े

एक नहीं बल्कि पांच हैं काशी, पौराणिक और धार्मिक महत्व

Updated on 13 December, 2018, 6:30
सबसे पहले गुप्त काशी, फिर उत्तरकाशी, तीसरे नंबर पर वाराणसी। चौथी है दक्षिण काशी, पांचवी और अंतिम है शिव काशी। ये सभी काशी महादेव शिव को समर्पित हैं। गुप्तकाशी उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। यह प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ केदारनाथ को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़नेवाले रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड के समीप है।... आगे पढ़े

अकबर ने दिया आदेश तानसेन के गाने पर वाह-वाह करने वाले को मौत की सजा

Updated on 13 December, 2018, 6:15
संगीत सम्राट तानसेन अकबर के दरबार दीवान-ए-खास में तानपूरा छेड़ते, आलाप भरते तो बादशाह अकबर वाह-वाह करते रह जाते। यह देख उनके चापलूस दरबारी भी वाह-वाह करने लगे। उनकी चापलूसी भरी वाह-वाही से परेशान होकर अकबर ने बीरबल से इस मर्ज का स्थायी इलाज करने को कहा। सम्राट अकबर के... आगे पढ़े

इन लोगों को नहीं करना चाहिए कपड़ों का दान, तरस जाएंगे नए कपड़ों के लिए

Updated on 11 December, 2018, 6:30
भारतीय संस्कृति में दान का बहुत महत्व है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, दान करने से हमारे संचित पाप कर्मों का नाश होता है। इतना ही नहीं दान करने से कुंडली में खराब स्थिति में बैठकर नकारात्मक फल दे रहे ग्रह भी शुभ फल देने लगते हैं, यह है दान का प्रभाव।... आगे पढ़े

जब शिवाजी ने एक नारी का ऐसे किया था सम्मान

Updated on 10 December, 2018, 6:30
छत्रपति शिवाजी महाराज जितने तलवार के धनी थे उतने ही वह चरित्र के भी धनी थे। अपने चरित्र और तलवार को उन्होंने कभी दागदार नहीं होने दिया। एक बार शिवाजी के वीर सेनापति ने कल्याण का किला जीता। हथियारों के जखीरे के साथ उनके हाथ अकूत संपत्ति भी लगी। एक... आगे पढ़े

नाखून पर है चांद का निशान तो गुडलक नहीं, कुछ है गड़बड़

Updated on 8 December, 2018, 7:00
समुद्र शास्त्र के अनुसार, हमारे शरीर पर बनने वाले निशान और तिल का हमारे जीवन पर बहुत महत्व देता है। जिस प्रकार हमारे शरीर पर बने निशान का हमारे जीवन पर असर पड़ता है उसी प्रकार हमारे नाखून पर भी इसका बहुत असर होता है। समुद्र शास्त्र के अध्य्यन करें... आगे पढ़े

इस बच्चे को मिला थोड़ा सा प्रोत्साहन, कर दुनिया में नाम

Updated on 8 December, 2018, 6:40
शिक्षक ने बालक वाल्टर से कॉपी मांगी। उसने सकुचाते हुए कॉपी शिक्षक के आगे रख दी। आज फिर अधूरा काम देखकर शिक्षक का क्रोध सातवें आसमान पर पहुंच गया। शिक्षक ने कहा, ‘वाल्टर, तुम अपना काम कभी भी पूरा नहीं करते हो। चलो पीछे कोने में जाकर बैठ जाओ। आगे... आगे पढ़े

केवल इस तरह आप ईश्वर को कर सकते हैं प्राप्त, करें नियम पाल

Updated on 7 December, 2018, 7:00
जीवन में दिनचर्या की सहजता का बहुत महत्व है। सहजता से तात्पर्य है हमारे जीवन में आकार ले रही समस्त घटनाओं, क्रियाओं और स्थितियों-परिस्थितियों को सहज भाव-बोध के साथ स्वीकार करना और उसके अनुरूप अपने मानवीय कर्तव्यों का निर्वहन करना। जब हमें आत्मिक अवस्था में स्थिर रहते हुए यह ज्ञात... आगे पढ़े

दाड़ी और मूंछ के साथ इस मंदिर में विराजमान हैं बालाजी

Updated on 7 December, 2018, 6:45
बालाजी भगवान हनुमान का ही एक रूप हैं। हनुमानजी और बालाजी के कई मंदिर देश और दुनिया में हैं। फिर भी जिन मंदिरों में बालाजी के दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं, उनमें सालासर बालाजी का नाम प्रमुख है। सालासर बालाजी राजस्थान के चुरू जिले में स्थित हैं।... आगे पढ़े

इन 5 अंगुठियों को कहते हैं धन दायक, गलती से होता है नुकसान

Updated on 7 December, 2018, 6:30
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह खराब स्थिति में या कमजोर स्थिति में होता है तब ज्योतिषी उस ग्रह से संबंधित रत्न की अंगूठी पहनने के लिए कहते हैं। कोई अंगूठी पहनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आपको सदैव उसका शुभ... आगे पढ़े

जब विरोधियों ने स्वामी दयानंद के पास भेजी वेश्या, हुआ चमत्कार

Updated on 6 December, 2018, 7:15
मेरा कुछ भी नहीं है और मुझे कुछ नहीं चाहिए। यदि इतनी सी बात जीवन में आ जाए तो शांति और प्रसन्नता स्वाभाविक हो जाएगी। इंसान को अपने कल्याण के लिए सत्य के मार्ग पर चलते हुए असत्य का त्याग करना है। सुख-दुख साधन सामग्री है, जीवन नहीं। सुख भोग... आगे पढ़े

सात दिसंबर गुरु और शुक्र की कृपा प्राप्ति का विशेष दिन

Updated on 6 December, 2018, 6:45
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, देवउठनी एकादशी के बाद से गुरु अस्त चल रहे थे और अब 7 दिसंबर, शुक्रवार को उदित हो रहे हैं। गुरु के उदय होने के साथ ही शुभ कार्यों का आयोजन, विवाह कार्य, ग्रह प्रवेश, नामकरण इत्यादि कार्यक्रम होने शुरू हो जाएंगे। जीवन में हर तरह... आगे पढ़े

Grahan 2019: जानिए, कब सूर्य और चंद्रमा को लगेगा ग्रहण

Updated on 6 December, 2018, 6:30
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2019 में कुल 5 ग्रहण पड़ेंगे। इनमें 3 सूर्य ग्रहण होंगे और 2 बार चंद्रमा ग्रहण से पीड़ित होंगे। साल का पहला ग्रहण सूर्यग्रहण होगा और यह जनवरी के पहले सप्ताह में पड़ेगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्रहण एक खगोलीय घटना है। लेकिन ज्योतिष में इसका... आगे पढ़े

अयप्पा की 5 क्विंटल फूलों से पूजा, प्रसाद में इडली डोसा

Updated on 5 December, 2018, 6:45
भगवान की पूजा में आमतौर पर प्रसाद के तौर पर मिठाईयां और फल बांटते आपने देखा होगा लेकिन यहां भगवान के प्रसाद के रूप में बांटा गया इडली और डोसा। बात रविवार 2 दिसंबर की है गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 के चंद्रशेखर पार्क में रविवार को अयप्पा सेवा समिति... आगे पढ़े

करके देखिए यह उपाय कभी पैसों की समस्या नहीं होगी

Updated on 5 December, 2018, 6:15
वर्तमान युग सुविधावादी युग है। प्राचीन युग में जो साधन-सामग्री राजा-महाराजाओं के लिए सुलभ थी, वर्तमान में जन-साधारण के लिए उपलब्ध है। फिर भी हर व्यक्ति तनावग्रस्त दिखाई दे रहा है। हर व्यक्ति पहले से कहीं अधिक परेशान तो है ही, पहले से कहीं ज्यादा चिंताएं उसे चहुंओर घेरे हुए... आगे पढ़े

जीवन का मूल्य 

Updated on 4 December, 2018, 9:15
एक समय की बात है जबकि भगवान बुद्ध एक गाँव में ठहरे। एक आदमी आया और बोला, भगवान जीवन का मूल्य क्या है? मैंने कई बार इसे समझने की कोशिश की पर समझ नहीं पाया। मेरी जिज्ञासा शांत करे। बुद्ध ने उसे एक चमकता पत्थर दिया और कहा, जाओ और... आगे पढ़े

सफलता पाने के लिए इस तरह का जोखिम उठाना है जरूरी

Updated on 4 December, 2018, 6:30
बाइबिल में लिखा है कि हमें जो दिखता है, हम उसके सहारे नहीं, बल्कि अपने विश्वास के सहारे चलते हैं। प्रश्न है कि यह विश्वास क्या है और कैसे कार्य करता है? विश्वास और आत्मविश्वास में क्या अंतर है? हर व्यक्ति में कार्य करने की अपरिमित क्षमताएं अंतर्निहित होती हैं,... आगे पढ़े

मंगलवार को बना भौम प्रदोष व्रत का संजोग, इस तरह करें मंगल दोष दूर

Updated on 4 December, 2018, 6:15
भौम त्रयोदशी का व्रत भगवान शंकर को समर्पित है। त्रयोदशी का व्रत शाम के समय रखा जाता है इसलिए इसे प्रदोष व्रत कहा जाता है। सोमवार को यदि त्रयोदशी हो तो उसे सोम प्रदोष कहा जाता है और यदि मंगलवार को हो तो उसे भौम प्रदोष कहा जाता है। यह... आगे पढ़े

इस तरह आप अपने सभी दुखों का कर सकते हैं अंत

Updated on 3 December, 2018, 7:00
ओशो इच्छाओं को त्यागना तब तक कठिन है जब तक आप जागृत नहीं होते। जब आप सुप्त अवस्था में होते हैं तो इच्छाओं का जगना एक प्राकृतिक घटना है। इच्छा एक स्वप्न के अलावा कुछ और नहीं है। जब आप जागते हैं तो स्वप्न गायब हो जाते हैं। आपको इच्छाओं के... आगे पढ़े

भगवान विष्णु ने दिखाई ऐसी माया, चांडाल बन गया राजा

Updated on 3 December, 2018, 6:40
योगाचार्य सुरक्षित गोस्वामी गुरु वशिष्ठ, श्रीराम को गाधी ब्राह्मण की कथा सुनाते हैं कि गाधी के मन में माया को जानने की इच्छा हुई, इसलिए वो विष्णु की उपासना करने लगा। भगवान प्रसन्न हुए और तथास्तु कहा। कुछ दिनों बाद गाधी ने गंगा स्नान करते हुए जैसे डुबकी लगाई, तभी अनुभव... आगे पढ़े

अफलातून ने बताया है जीवन का सबसे बड़ा सच, आप भी जानें क्‍या है यह?

Updated on 3 December, 2018, 6:20
यूनानी दार्शनिक अफलातून के पास हर दिन कुछ लोग ज्ञान प्राप्त करने के लिए आते थे। लेकिन वह खुद को कभी ज्ञानी नहीं मानते थे। उनका मानना था कि इंसान कभी भी ज्ञानी कैसे हो सकता है, वह तो हमेशा सीखता ही रहता है। एक दिन उनके एक मित्र ने... आगे पढ़े

क्यों नहीं करते एक ही गोत्र में विवाह, यहां जानें कारण

Updated on 2 December, 2018, 6:20
सनातन धर्म में गोत्र का बहुत महत्व है। विशेषकर पूजा-पाठ और विवाह के दौरान गोत्र का बहुत महत्व होता है। वैदिक रीति के अनुसार यदि विवाह करना है तो बिना गोत्र जाने, विवाह संस्कार नही करना चाहिए। आइए, गोत्र का इतना महत्व क्यों है और क्यों एक ही गोत्र में... आगे पढ़े

इस तरह हुआ था ब्रह्मांड का विकास और होगा लीन

Updated on 1 December, 2018, 6:30
प्रथम स्तर में मनुष्य जब पांचभौतिक जगत से मन को हटाता है, उस अवस्था में पूर्ण रूप से न सही, आंशिक रूप से पांचभौतिक जगत पर मनुष्य का आधिपत्य हो जाता है। इस अवस्था में मनुष्य किसी हद तक जगत का कल्याण कर सकता है। अगर कोई न करे या... आगे पढ़े

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