Wednesday, 15 August 2018, 2:35 PM

धर्म-संस्कृति

साल में एक बार सिर्फ नागपंचमी को खुलते हैं इस मंदिर के पट

Updated on 15 August, 2018, 7:00
उज्जैन। सनातन संस्कृति में नाग पूजा का विशेष विधान रहा है। भारत में सांपों को देवता माना जाता है और कई जगहों पर उनकी मूर्ति मंदिरों में स्थापित कर पूजा की जाती है। ऐसा ही विशेष मंदिर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में है, जिसको नागचंद्रेश्वर के नाम से जाना जाता... आगे पढ़े

मौत कितनी हसीन है, आईए करीब से जानें

Updated on 14 August, 2018, 6:40
राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत पुराण सुनाते हुए जब शुकदेव जी महाराज को छ: दिन बीत गए और तक्षक (सर्प) के काटने से मृत्यु होने का एक दिन शेष रह गया, तब भी राजा परीक्षित का शोक और मृत्यु का भय दूर नहीं हुआ। मरने की घड़ी निकट आते देखकर राजा... आगे पढ़े

जानें हरियाली तीज व्रत से जुड़ी 10 खास बातें-

Updated on 13 August, 2018, 10:26
1- हरियाली तीज व्रत करने के पीछे कथा है कि मां पार्वती ने भगवान शिव से विवाह करने के लिए बहुत ही कठिन तपस्या की थी। इस तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने आज ही के दिन यानी श्रावण मास शुक्ल पक्ष की तीज को मां पार्वती के सामने... आगे पढ़े

बस दो मिनट सोचों

Updated on 12 August, 2018, 11:30
एक युवक ने विवाह के दो साल बाद परदेस जाकर व्यापार करने की इच्छा पिता से कही । पिता ने स्वीकृति दी तो वह अपनी गर्भवती पत्नी को माँ-बाप के जिम्मे छोड़कर व्यापार करने चला गया । परदेश में मेहनत से बहुत धन कमाया और वह धनी सेठ बन गया । सत्रह वर्ष धन कमाने में बीत गए... आगे पढ़े

अच्छी नहीं दोस्त और पत्नी की यह आदत, कहता है गरुड़ पुराण

Updated on 12 August, 2018, 8:20
पुराणों और धार्मिक शास्त्रों में हमारे जीवन से जुड़े कई सूत्रों को बताया गया है। इन सूत्रों और नियमों के आधार पर अगर हम जीवन जिएं तो निश्चित ही हमारे कई कष्ट अपने आप दूर हो जाएंगे। गरुड़ पुराण में पत्नी, सच्चे मित्र और सही नौकर के बारे में कुछ... आगे पढ़े

जब तक आप इन बंधनों को नहीं जानेंगे तब मुक्ति कहां?

Updated on 12 August, 2018, 7:00
सुरक्षित गोस्वामी मुक्ति के लिए पहले अपने बंधन को समझना होगा। बंधन का मतलब है, संसार की तरफ हमारा आसक्त रहना। इसके लिए देखना होगा कि हमारा मन, बुद्धि, अहंकार और हमारी इंद्रियां बार-बार कहां जाकर अटक जाती हैं। इंद्रियों को अपने कौन-कौन से विषय प्रिय हैं, मन किन-किन खयालों में... आगे पढ़े

सावन की किस खास पूजा ने श्रीराम को दिलाई थी जीत

Updated on 12 August, 2018, 6:40
जब सृष्टि की संरचना हुई तब से ही शिवलिंग की पूजा होती आ रही है। पुराणों और शास्त्रों में भी शिवलिंग के महत्व के बारे में कई जगह उल्लेख किया गया है। शिवलिंग की महत्वता के बारे में इस बात से पता चलता है कि श्रीहरि ने भी अपने राम... आगे पढ़े

Surya grahan 2018: साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज, इन राशियों को होगा लाभ

Updated on 11 August, 2018, 9:45
surya grahan in august 2018: आज इस साल का सबसे आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। भारत के समय अनुसार यह ग्रहण दोपहर 1 बजे लगेगा।  ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के अनुसार भारत में सूर्य ग्रहण के दृश्य नही होने के कारण इसकी धार्मिक मान्यता नही है ,तथापि गोचरीय दृष्टि से... आगे पढ़े

माता सीता की मदद से श्रीराम ने पास की थी ये परीक्षा

Updated on 11 August, 2018, 7:00
जैसे कि को पता है कि सावन का पावन महीना चल रहा है, इस माह में शिव का पूजन विशेष रहता है। शिव पुराण में इस महीने में किए जाने वाली पूजन के साथ-साथ इसके महत्व के बारे में भी बताया गया है। इसके अनुसार जो भी साधक इन दिनों... आगे पढ़े

सर्वनाश का कारण बनती हैं ये 9 बातें, रामायण के अनुसार

Updated on 10 August, 2018, 6:40
रावण बहुत विद्वान था। धार्मिक पुस्तकों में उसे प्रखांड पंडित की उपाधि भी दी गई है। लेकिन कुछ अवगुणों के कारण वह अपने परिवार के साथ ही सोने की लंका को भी गंवा बैठा और आज भी उसे एक दुराचारी और पापी की तरह ही देखा जाता है। रावण का... आगे पढ़े

साल का आखिरी सूर्यग्रहण चीन के लिए अशुभ, भारत में रहने वालों पर प्रभाव जानें

Updated on 10 August, 2018, 6:20
मेदिनी ज्योतिष में ग्रहण के समय बनानेवाली ग्रह स्थिति का बहुत महत्व है। इसका उपयोग मौसम में होनेवाले परिवर्तनों, वर्षा, बाढ़ और भूकंपन आदि की भविष्यवाणियों के लिए किया जाता हैl क्योंकि ग्रहण राजसी ग्रहों सूर्य और चंद्रमा पर लगता है तो इसलिए इसका प्रभाव महत्वपूर्ण व्यक्तियों और शासक वर्ग... आगे पढ़े

सावन शिवरात्रि आज, बना अनोखा शुभ संयोग, पूरी होगी शिवभक्तों की मनोकामना

Updated on 9 August, 2018, 12:45
वैसे तो प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस समय सावन का महीना चल रहा है जिसके कारण शिवरात्रि का बहुत महत्व है। सावन महीने के शिवरात्रि को सबसे ज्यादा शिवलिंग पर जल इसी दिन चढ़ाया जाता है। इस मौके पर देशभर के... आगे पढ़े

इस युद्ध को रोकने के लिए स्वयं शिव पधारे थे पृथ्वी पर

Updated on 9 August, 2018, 8:20
अपने भक्तों के कष्ट हरने के लिए शिव समय-समय पर पृथ्वी पर आते हैं। ऐसा ही एक वाकया द्वापर युग में महाभारत के युद्ध के बाद हुआ। यह युद्ध इतना भीषण था कि इसे समाप्त कराने के लिए स्वयं भगवान शंकर पृथ्वी पर प्रकट हुए थे। यह युद्ध था स्वयं... आगे पढ़े

इस वजह से भगवान शिव को कहा जाता है पशुपति, इन्होंने दिया था आशुतोष नाम

Updated on 9 August, 2018, 7:00
श्री श्री आनन्दमूर्ति वज्र शिव का शक्तिशाली अस्त्र है। वज्र को शिव निरीह पशु-पक्षियों को बचाने के लिए तथा मानवता विरोधी व्यक्तियों के विरुद्ध व्यवहार में लाते थे। शिव जीवन के सब क्षेत्रों में अत्यंत संयमी कहे जाते हैं। इसलिए अस्त्र का व्यवहार वह कभी-कभार ही करते थे। उन्होंने अच्छे लोगों... आगे पढ़े

जानें महाकाल की भस्‍म आरती का रहस्‍य, क्‍यों महिलाओं को यहां करना पड़ता है घूंघट

Updated on 9 August, 2018, 6:40
भगवान शिव के सबसे रहस्‍यमयी स्‍वरूपों में से एक है महाकाल। वर्तमान में महाकाल के रूप में भगवान भोलेनाथ तीर्थ नगरी उज्‍जैन में विराजमान हैं। महाकाल की 5 आरतियां होती हैं, जिसमें सबसे खास मानी जाती है भस्‍म आरती। भस्‍म आरती यहां भोर में 4 बजे होती है। आइए जानते... आगे पढ़े

दुख को अपने भीतर दबाए रखने से अच्छा है उसे किसी से कह देना

Updated on 8 August, 2018, 6:40
सीताराम गुप्ता रहीम कहते हैं कि हमें अपने मन की पीड़ा मन में ही दबाकर रखनी चाहिए, क्योंकि दूसरे लोग हमारी पीड़ा को सुनकर उसे बांटने की बजाय हमारा उपहास उड़ाते हैं। यही कारण है कि लोग अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं, लेकिन दूसरों पर अपना दुख प्रकट करने का... आगे पढ़े

11 अगस्त को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें ग्रहण का समय

Updated on 7 August, 2018, 13:03
Solar Eclipse August 2018: 11 अगस्त को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह साल का तीसरा सूर्य ग्रहण होगा। इसे पहले 13 जुलाई और 15 फरवरी 2018 को दो सूर्य ग्रहण पड़ चुके हैं। 11 अगस्त के ग्रहण के बाद अब अगला सूर्य ग्रहण 6 जनवरी 2019... आगे पढ़े

कौन हैं शिव ?

Updated on 6 August, 2018, 19:15
शिव संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है, कल्याणकारी या शुभकारी। यजुर्वेद में शिव को शांतिदाता बताया गया है। 'शि' का अर्थ है, पापों का नाश करने वाला, जबकि 'व' का अर्थ देने वाला यानी दाता।   क्या है शिवलिंग...???   शिव की दो काया है। एक वह, जो स्थूल रूप से व्यक्त... आगे पढ़े

हत्या देवी, इसलिए मंदिर में जाने से डरते हैं पुरोहित के वंशज

Updated on 6 August, 2018, 8:20
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक ऐसा मंदिर है, जहां एक गांव के लोग हर रोज दर्शन करते हैं और दूसरे गांव के लोग वहां जाने से भी डरते हैं। हत्या देवी कोई और नहीं सुकेत राज्य की राजकुमारी हैं। एक समय में मंडी का नाम सुकेत हुआ करता... आगे पढ़े

भगवान ने बताया इस तरह मै ही हूं अमृत और मृत्यु

Updated on 6 August, 2018, 7:00
सुरक्षित गोस्वामी तपाम्यहमहं वर्षं निगृह्णम्युत्सृजामि च | अमृतं चैव मृत्युश्च सदसच्चाहमर्जुन || गीता 9/19|| अर्थ: मैं ही सूर्य रूप से तपता हूं, वर्षा का आकर्षण और बरसाता हूं। हे अर्जुन! अमृत और मृत्यु मैं ही हूं और मैं ही सत्-असत् भी हूं। व्याख्या: क्योंकि परमात्मा कण-कण में व्याप्त है, इसलिए जो कुछ भी इस... आगे पढ़े

मंदिर के 7 दरवाजों के पीछे ऐसा रहस्य, डरती है दुनिया खुल गया तो

Updated on 5 August, 2018, 7:00
केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित पद्मनाभ स्वामी मंदिर, भगवान विष्णु को समर्पित है, जो पूरी दुनिया में मशहूर है। साथ ही दुनिया के कुछ रहस्यमय जगहों में इसकी गिनती होती है। दरअसल, यहां ऐसे कई रहस्य हैं, जिन्हें कई कोशिशों के बाद भी लोग इसको सुलझा नहीं पाएं हैं। इस... आगे पढ़े

दु:ख में उत्पन्न हुआ है उत्सव

Updated on 4 August, 2018, 11:45
दुनिया में दो ही तरह के लोग हैं- एक वे जो अपने को नया करने का राज खोज लेते हैं, और एक वे जो अपने को पुराना बनाए रखते हैं और चीजों को नया करने में लगे रहते हैं। भौतिकवादी और आध्यात्मवादी में एक ही फर्क है। आध्यात्मवादी रोज अपने... आगे पढ़े

एकादश रुद्र का स्मरण

Updated on 4 August, 2018, 9:07
शास्त्रों के मुताबिक शिव ग्यारह अलग-अलग रुद्र रूपों में दु:खों का नाश करते हैं। यह ग्यारह रूप एकादश रुद्र के नाम से जाने जाते हैं। जानते हैं:- 🕉1. शम्भू– शास्त्रों के मुताबिक यह रुद्र रूप साक्षात ब्रह्म है। इस रूप में ही वह जगत की रचना, पालन और संहार करते हैं। 🕉2. पिनाकी... आगे पढ़े

ये थे भगवान विष्णु के पहले अवतार

Updated on 4 August, 2018, 8:20
सत्यव्रत नाम के राजा एक दिन कृतमाला नदी में सूर्यदेव को अर्घ्य दे रहे थे। उसी समय उनके हाथ में एक छोटी सी मछली आ गई। राजा ने उस मछली को वापिस नदी में डाल दिया तो मछली ने उसे कहा कि इस जल में बड़े जीव-जंतु मुझे खा जाएंगे।... आगे पढ़े

धर्म को मोक्ष की जगह अगर इससे जोड़ें तो सभी समस्याओं का होगा अंत

Updated on 4 August, 2018, 7:00
आचार्य लोकेशमुनि अंतरराष्ट्रीय रिसर्च संगठन ग्लोबल फुटप्रिंट नेटवर्क ने गणना करके बताया है कि हमारे अतिभोग के चलते पृथ्वी के संसाधनों के खात्मे की तारीख तेजी से करीब आती जा रही है। भविष्य के लिए निर्धारित संसाधनों को हम वर्तमान में खर्च करके सर्वनाश की ओर बढ़ रहे हैं। आज सारे... आगे पढ़े

एक ऐसा जंगल जो अनजाने में बन गया पाप का भागीदार

Updated on 3 August, 2018, 8:20
हिंदू धर्म के शास्त्रों व ग्रथों में एेसे कई पात्र और स्थानों के बार में बताया गया है जो अपने आप में ऐतिहासिक व रहस्यमयी है। हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की संख्या ज्यादा होने के कारण इनसे जुड़े स्थान व कथाओं की संख्या भी अधिक हैं। लेकिन आज एेसे कई... आगे पढ़े

सीता स्वयंवर में तोड़े गए धनुष का रहस्य जानते हैं आप ?

Updated on 3 August, 2018, 7:00
राजा जनक भगवान शिव के वंशज थे और भोलेनाथ का धनुष उनके राज महल में रखा था। महाराज जनक ने कहा था कि जो उस धनुष की प्रत्यंचा को चढ़ा देगा, उसी से मेरी पुत्री सीता का विवाह होगा। शिव धनुष कोई साधारण धनुष नहीं था बल्कि उस काल का... आगे पढ़े

रुद्राभिषेक के विभिन्न पूजन के लाभ

Updated on 2 August, 2018, 10:14
रुद्राभिषेक के विभिन्न पूजन के लाभ इस प्रकार हैं- • जल से अभिषेक करने पर वर्षा होती है। • असाध्य रोगों को शांत करने के लिए कुशोदक से रुद्राभिषेक करें। • भवन-वाहन के लिए दही से रुद्राभिषेक करें। • लक्ष्मी प्राप्ति के लिये गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करें। • धन-वृद्धि के लिए शहद एवं... आगे पढ़े

क्या है शिव की प्रिय कांवड़ यात्रा का रहस्य, जानें इससे जुड़ी मान्यताएं

Updated on 2 August, 2018, 8:20
हिंदू धर्म के अनुसार सावन भगवान शिव का प्रिय माह है। जिस कारण इस महीने में भोलेनाथ के भक्त उनकी प्रिय कांवड़ यात्रा निकालते हैं। लेकिन यह यात्रा कैसे और कब शुरू हुई इसके बारे में शायद ही किसी को पता होगा। तो आईए जानते हैं, कि इससे जुड़ी मान्यताओं... आगे पढ़े

मानो या न मानो: श्रीराम ने अपने कर्म का फल श्रीकृष्ण के रूप में भोगा

Updated on 1 August, 2018, 7:00
मनुष्य को अपने कर्मों का फल भोगना पड़ता है, हिंदू धर्म में यह मान्यता है। संत-साधु कहते हैं कि कर्म के फल से तो स्वयं भगवान विष्णु भी नहीं बच पाए। दरअसल भगवान विष्णु के 10 अवतारों में श्रीराम और श्रीकृष्ण भी हैं। जब भगवान राम माता सीता की खोज... आगे पढ़े

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